रसायन विज्ञान (Chemistry)

विज्ञान (Science)-

किसी वस्तु के बारे में क्रमबद्ध और व्यवस्थित ज्ञान को विज्ञान कहते हैं।

रसायन विज्ञान (Chemistry)-

विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत हम किसी पदार्थ की संरचना तथा उसके भौतिक एवं रासायनिक गुणों का अध्ययन करते हैं,रसायन विज्ञान कहलाता है।

परमाणु (Atom)- किसी पदार्थ का वह सुक्ष्मतम कण जो मिलकर अणुओं का निर्माण करते हैं, परमाणु कहलाता हैं।यह स्वतंत्र अवस्था में नहीं रहता है।यह बिना अपघटित हुए रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेता है।

अणु (Molecule) – किसी पदार्थ का वह सुक्ष्मतम कण जो परमाणुओं से मिलकर बना होता है, अणु कहलाता है।यह स्वतंत्र अवस्था में रहता है। परमाणु भार (Atomic weight)-

किसी तत्व का परमाणु भार यह प्रदर्शित करता है कि वह कार्बन-12 (C-12) के 12वें भाग से कितना गुना भारी है।

 

Branches of Chemistry

  1. कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry)
  2. अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry)
  3. भौतिक रसायन (Physical Chemistry)
  4. विश्लेषणात्मक रसायन (Analytical chemistry)
  5. औद्योगिक रसायन (Industrial chemistry)
  6. जैव रसायन (Biochemistry)
  7. औषधीय रसायन (Medicinal chemicals)
  8. कृषि रसायन (Agricultural chemicals)

मानव जीवन में रसायनशास्त्र का महत्व है

स्वास्थ्य

डिटोल व फिनायल आदि जिनका प्रयोग घरों में शरीर के घावों की सफाई औरक कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है वास्तव में रासायनिक पदार्थ ही हैं |डिटोल को क्लोरोजाइलीनॉल कहा जाता है | डॉक्टर भी मरहम पट्टी करने से पहले घाव को हाइड्रोजन परॉक्साइड से साफ़ करता है जीवनुनाशक गुण के कारण आयोडीन के टिंक्चर का प्रयोग अस्पतालों में ड्रेसिंग के लिया किया जाता है | ब्लीचिंग पाउडर/ कैल्सियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग जल स्रोतों की सफाई व नालियों को साफ़ करने में किया जाता है |माउथवाश बनाने और दंतशल्यक्रिया में फीनोल का प्रयोग किया जाता है |

सौंदर्य प्रसाधन

वर्त्तमान में अधिकतर सौंदर्य प्रसाधनों का निर्माण रासायनिक पदार्थों के द्वारा ही होता है जैसे –नेलपॉलिश में टिटेनियम ऑक्साइड का प्रयोग किया जाता है, कोल्ड क्रीम खनिज तेल मोम,पानी और बोरेक्स के मिश्रण में इत्र को मिलाकर तैयार की जाती है ,पाउडर के निर्माण में खड़िया, टेलकम, जिंक ऑक्साइड, चिकनी मिट्टी का चुर्ण और स्टार्च आदि को इतर के साथ मिलाया जाता है और लिपस्टिक का निर्माण मोम, तारकोल और तेल के द्वारा होता है|

 

स्टेशनरी वस्तुएं

कागज का निर्माण लकड़ी से लुगदी निकलकर किया जाता है फिर उसमें कई तरह के रासयन डाले जाते हैं जिनके प्रयोग से उसमें से अवांछनीय पदार्थ बहार निकल जाते हैं और शुद्ध सेलुलोज बच जाता है |फिर इसे ब्लीचिंग पाउडर से विरंजित कर इसमें खड़िया मिट्टी या स्टार्च को मिलाया जाता है | पेन्सिल में उपस्थित ग्रेफाइट भी कार्बन का अपरूप है और ये मुलायम व विद्युत् सुचालक होता है |

फोटोग्राफी

जब किसी वस्तु की फोटो खिंची जाती है तो वस्तु से प्रकाश कैमरे के लेंस होता हुआ फिल्म पर पड़ता है और फिल्म पर लगे सिल्वर यौगिक के रसायनिक परिवर्तन से वास्तु का निगेटिव तैयार हो जाता है | बाद में निगेटिव से पोजिटिव चित्र सोडियम थायोसल्फेट से लेपित कागज पर उतार लिया जाता है और डवलप कर लिया जाता है |

 

साबुन व डिटर्जेंट

साबुन व डिटर्जेंट रासायनिक यौगिक या यौगिकों का मिश्रण हैं जिनका प्रयोग शोधन/धुलाई के लिए किया जाता है | साबुन सोडियम या पौटेशियम लवण तथा वसीय अम्लों का मिश्रण होता है जो पानी में शोधन क्रिया (Cleansing Action) करता है  जबकि डिटर्जेंट भी यही काम करता है लेकिन धुलाई /शोधन के लिए वह साबुन की तुलना में  बेहतर होता है क्योंकि पानी की कठोरता का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है |

 

कृषि कार्य

वर्तमान में कृषि कार्य में रसायनों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है | उर्वरक व कीटनाशक रासायनिक मिश्रण ही हैं जो फसल की उत्पादकता बढ़ाने के साथ साथ उन्हें नष्ट होने से भी बचाते है | उच्च उपज वाले बीजों का निर्माण भी रासायनिक क्रिया द्वारा होता है | उर्वरकों, कीटनाशकों तथा उच्च उपज वाले बीजों का भारत में हरित क्रांति लाने में महत्वपूर्ण योगदान था जिससे न केवल देश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हुआ बल्कि खाद्य सुरक्षा की स्थिति भी बेहतर हुई है |

 

उद्योग व परिवहन  

वस्त्र उद्योग, धातु उद्योग, चमड़ा उद्योग, पेट्रोरसायन उद्योग आदि में रसायनों का किसी भी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है | कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन आदि को रासायनिक क्रिया द्वारा ही अलग किया जाता है | परिवहन में प्रयोग होने वाली सीएनजी गैस भी रासायनिक मिश्रण है | चमड़ा बनाने की क्रिया, जिसे टैनिंग कहते हैं, रासायनिक प्रक्रिया ही है |

इन क्षेत्रों के अलावा भी हथियारों के निर्माण, बर्तनों के निर्माण आदि में रसायनशास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और मानव जीवन में इसकी भूमिका लगातार बढ़ती ही जा रही है |

1.कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry)

रसायन विज्ञान की वह शाखा जिसमें कार्बनिक यौगिकों का अध्ययन किया जाता है, Organic Chemistry कहलाता है।

कार्बनिक रसायन से संबंधित कुछ तथ्य

Some Facts Related To Organic Chemistry–

1-ब्रह्मांड (Universe) में पाए जाने वाले लगभग सभी वस्तुओं में कार्बन पाया जाता है।

2-फ्रांस (France) के वैज्ञानिक बर्जीलियस (Berzelius) ने बताया था कि कार्बनिक यौगिक केवल जीवित (Living) वस्तुओं में ही पाया जाता है इसे प्रयोगशाला(Lab) में नहीं बनाया जा सकता है।

3-सर्वप्रथम कार्बनिक यौगिक को lab में जर्मनी (Germany) के वैज्ञानिक (scientist) फ्रेडरिक व्होलर (Fredric wholer) ने बनाया था।

उन्होंने अमोनियम सायनेट(NH4CNO) को गर्म करके यूरिया(Urea) प्राप्त किया था, जो एक कार्बनिक यौगिक है।

NH4CNO → (heat) NH2 CONH2

4-पुरे ब्रह्मांड (Universe) में दूसरे तत्वों की अपेक्षा कार्बन के यौगिक सबसे अधिक पाए जाते हैं,क्योंकि इसमें श्रंखला(Series) बनाने का गुण सबसे ज्यादा पाया जाता है।

अब चूंकि हम organic chemistry के बारे में बात कर रहे हैं,तो कुछ कार्बन(Carbon) के बारे में जान लेना अच्छा रहेगा।

कार्बन Carbon–

प्रतिक(Symbol)-C

परमाणु क्रमांक(Atomic Number)-6

परमाणु भार(Atomic weight)-12

यह एक अधातु(non-metal) है यह ब्रह्मांड में लगभग सभी जीवित(living) या मृत(non-living) वस्तुओं में पाया जाता है।

कार्बनिक यौगिक

धातु और अधातु

 

कार्बन के गुण(It’s qualities)–

1-इसको जलाने पर यह कार्बन डाई आक्साइड गैस बनाता है।

C + O2 → CO2

2-यह कई रूपों में पाया जाता है।

Ex.- हीरा (Diamond), ग्रेफाइट(Graphite),कोयला(Coal) etc.

उपरोक्त सभी उदाहरण कार्बन के ही रूप हैं लेकिन सबकी संरचना(Structure) अलग-अलग है।

3-यह हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करके मेथेन (Methane) गैस बनाता है।

C + 2H2 →CH4

कार्बन के उपयोग(It’s Use)–

आज के युग में कार्बन बहुत की महत्वपूर्ण तत्व है,अगर कार्बन नहीं होता तो शायद हम जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

हमारे उपयोग में आने वाली लगभग सभी वस्तुओं में कार्बन उपस्थित है इसके कुछ महत्वपूर्ण उपयोग निम्नलिखित हैं-

1-इसका उपयोग मेथेन गैस बनाने में होता है।

2-शराब (wine),पालिथीन(polythene), रबर(Rubber) इत्यादि वस्तुएं बनाने में।

3– डिब्बा बंद भोजन (Packed Food) तथा पेय पदार्थों (Cold Drinks) में कार्बन डाइ-आक्साइड का उपयोग होता है।

4-कार्बन का उपयोग पेड़-पौधों की उम्र का ज्ञात करने (कार्बन डेटिंग) में होता है।

5-दवाओं (Medicines) के निर्माण में।

 

हमनें ऊपर कार्बन के बारे में जाना,अब हम हाइड्रो-कार्बन के बारे में जानेंगे।

 

हाइड्रो-कार्बन (Hydro-Carbon) –

कार्बन तथा हाइड्रोजन से मिलकर बने हुए यौगिक को हाइड्रो-कार्बन कहते हैं।

   C2H6 (Ethane)                              CH4 (Methane)

Note-अगर किसी यौगिक (Compound) में कार्बन और हाइड्रोजन के अलावा और भी तत्व हों तब वह हाइड्रो-कार्बन नहीं होगा।

Ex. – CH3COOH, C2H5OH इत्यादि यौगिकों में C और H दोनों उपस्थित हैं लेकिन ये हाइड्रो-कार्बन नहीं हैं क्योंकि इनमें Cऔर H के अलावा इनमें आक्सीजन (O) भी उपस्थित है।

 

कार्बन के यौगिक दूसरे तत्वों के यौगिकों के अपेक्षा अधिक पाए जाते हैं,क्योंकि इनमें श्रृंखला(Series) बनाने का गुण सर्वाधिक पाया जाता है, अब आइए जानते हैं कि कार्बनिक यौगिक कितने प्रकार की श्रृंखलाएँ बनाते हैं।

श्रृंखलाओं के प्रकार/ Types Of Series –

कार्बनिक यौगिक मुख्यतः दो प्रकार की श्रृंखलाएँ बनाते हैं

1-खुली श्रृंखला (Open Chain or Aliphatic Compound)–

यह श्रृंखला सभी सिरों पर खुली होती है।

       Ex. C4 H8 (Butane)

2-बन्द श्रृंखला (Closed Chain or Cyclic Compound)–

 

इस श्रृंखला में कार्बन परमाणु चक्रिय(cyclic) रूप में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

Ex. Benzene (C6 H6)

अब हम रासायनिक बंध(Chemical-Bond) के बारे में जानेंगे।

रासायनिक बंध/Chemical Bond

कार्बन मुख्यतः तीन प्रकार के बंध बनाता है-

एकल बंध(Single Bond)–

द्विबंध(Double Bond) And त्रिबंध(Triple Bond)

  1. अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry)

कार्बन को छोड़कर शेष सभी तत्वों और उनके योगिकों की चर्चा करना अकार्बनिक रसायन (Inorganic chemistry) का क्षेत्र है। बोरॉन, सिलिकन, जर्मेनियम आदि तत्व भी लगभग उसी प्रकार के विविध यौगिक बनाते हैं, जैसे कार्बन। पर इस पार्थिव सृष्टि में उनका उतना महत्व नहीं है जितना कार्बन यौगिकों का, इसलिए कार्बनिक रसायन का अन्य तत्वों से पृथक्‌ रासायनिक क्षेत्र मान लिया गया है। मनुष्य एवं वनस्पतियों का जीवन कार्बन यौगिकों के चक्र पर निर्भर है, अत: कार्बनिक यौगिकों को एक अलग उपांग में रखना कुछ अनुचित नहीं है। यह कार्बन ही है जो पृथ्वी पर पाए जानेवाले सामान्य ताप (00 C से 50° C ) पर अनेक स्थायी समावयवी यौगिक दे सकता है।

 

#1 Chemistry (रसायन विज्ञान) – अम्ल, क्षार तथा लवण For SSC CGL And CHSL, VYAPAM , Railways in hindi

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