प्लेटलेट्स

  • प्लेटलेट्स क्षतिग्रस्त ऊतकों को सही करते हैं। इसके साथ ही यह रक्तस्राव को रोकने का काम करते हैं। इस प्रक्रिया का वैज्ञानिक नाम होमियोस्टेसिस (Hemostasis) है।
  • प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद तत्व होते हैं, जो पानी रूपी द्रव और कोशिकाओं से बने होते हैं। इन कोशिकाओं में ऑक्सीजन को ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं भी शामिल होती हैं।
  • प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद बेहद ही सुक्ष्म कण होते हैं जिनको चिकित्सीय जांच के दौरान देखा जा सकता है।
  • शरीर पर चोट लगने के बाद रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स को संकेत मिलना शुरू हो जाता हैं, जिससे वह चोट व रक्तस्त्राव वाले स्थान पर पहुंचकर रक्त को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।
    प्लेटलेट्स क्षतिग्रस्त ऊतकों को सही करते हैं। इसके साथ ही यह रक्तस्राव को रोकने का काम करते हैं। इस प्रक्रिया का वैज्ञानिक नाम होमियोस्टेसिस (Hemostasis) है।
  • प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद तत्व होते हैं, जो पानी रूपी द्रव और कोशिकाओं से बने होते हैं। इन कोशिकाओं में ऑक्सीजन को ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं भी शामिल होती हैं।
  • प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद बेहद ही सुक्ष्म कण होते हैं जिनको चिकित्सीय जांच के दौरान देखा जा सकता है।
  • शरीर पर चोट लगने के बाद रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स को संकेत मिलना शुरू हो जाता हैं, जिससे वह चोट व रक्तस्त्राव वाले स्थान पर पहुंचकर रक्त को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।
    एक स्वस्थ इंसान के शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा एक वर्ग मिलीलीटर रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ से चार लाख तक होती है. इनका मुख्य कार्य चोट लगने पर खून के जमने की प्रक्रिया को तेज करके ब्लीडिंग को रोकना है
    video link-

Related posts

Leave a Comment