Rule of Crown (1935-1947)

भारत शासन अधिनियम 1935 यह अधिनियम भारत में पूर्ण उत्तरदाई सरकार के गठन में एक मील का पत्थर साबित हुआ. यह एक लंबा और विस्तृत दस्तावेज था जिसमें 321 धाराएं और 10 अनुसूचियां थी. ØFeatures इसने अखिल भारतीय संघ की स्थापना की जिसमें राज्य और रियासतों को एक इकाई की तरह माना गया. अधिनियम में केंद्र और इकाइयों के बीच 3 सूचियों- संघ सूची 59 विषय राज्य सूची 54 विषय समवर्ती सूची दोनों के लिए 36 विषय, के आधार पर शक्तियों का बंटवारा कर दिया. अवशिष्ट शक्तियां वायसराय को दे…

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Rule of Crown (1858-1919)

1858 का भारत शासन अधिनियम इस महत्वपूर्ण कानून का निर्माण 1857 के विद्रोह के बाद किया गया. जिसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम या सिपाही विद्रोह भी कहा जाता है. (Que.) भारत के शासन को अच्छा बनाने वाला अधिनियम (Good Gov. of India by British Gov) नाम के प्रसिद्ध इस कानून ने ईस्ट इंडिया कंपनी को समाप्त कर दिया और गवर्नरों क्षेत्रों और राजस्व संबंधी शक्तियां ब्रिटिश राजशाही को हस्तांतरित कर दी. Features इसके तहत भारत का शासन सीधे महारानी विक्टोरिया के अधीन चला गया. गवर्नर जनरल का पद नाम बदलकर भारत का…

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ऐतिहासिक पृष्‍ठभूमि/Historical Background

भारत में ब्रिटिश 1600 ई. ईस्‍ट इंडिया कंपनी के रूप में व्‍यापार करने आए। महारानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर द्वारा, अभी तक कंपनी के कार्य व्‍यापार करने तक सीमित थे। 1765 में बंगाल, बिहार, और उड़ीसा के दीवानी (अर्थात राजस्‍व एवं दीवानी न्‍याय के अधिकार) अधिकार प्राप्‍त कर लिए, इसके तहत क्षेत्रीय शक्ति बनने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। 1858 में ‘सिपाही विद्रोही’ के परिणामस्‍वरूप ब्रिटिश ताज (Crown) ने भारत के शासन का उत्‍तरदायित्‍व प्रत्‍यक्ष रूप से अपने हाथों में ले लिया। यह शासन 15 अगस्‍त 1947 में भारत की…

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