कंचनजंगा बायोस्फीयर रिज़र्व

यूनेस्को ने अपने 30वें सत्र में विश्व नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिज़र्व में शामिल करने के लिये कंचनजंगा बायोस्फीयर रिज़र्व को नामित किया था, यह सत्र इंडोनेशिया के पालेम्बैंग में 23-27 जुलाई, 2018 को आयोजित किया गया था। इस सूची में शामिल अन्य भारतीय जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों में नीलगिरी, मन्नार की खाड़ी, सुंदरबन, नंदादेवी, नोकरेक, पंचमढ़ी, सिमलीपाल, अंचनकमार-अमरकंटक, ग्रेट निकोबार और अगस्त्यमाला हैं। कंचनजंगा बायोस्फीयर रिज़र्व भारत का 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नामित WNBR होगा। भारत में कुल 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हैं, जिनमें से 11 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर WNBR…

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जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान

इस पार्क को 1936 में गवर्नर मैलकम हैली के नाम पर ‘हैली नेशनल पार्क’ का नाम दिया गया था। यह भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क मुख्य एशिया की मुख्य भूमी पर स्थापित पहला राष्ट्रीय उद्यान है। इस क्षेत्र में 1971 के भारत सरकार द्वारा अतिमहत्त्वकांक्षी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ को प्रारंभ किया गया। यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड राज्य के पौरी, अल्मोड़ा और नैनीताल क्षेत्रों में विस्तृत है। यह गढ़वाल और कुमाऊँ के बीच रामगंगा नदी के किनारे लगभग 1316 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इस पार्क का मुख्य कार्यालय रामनगर में…

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दुधवा नेशनल पार्क

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश राज्य के लखीमपुर खीरी ज़िले में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान एक बाघ संरक्षित क्षेत्र है। इसकी स्थापना 614 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र को संरक्षित करके वर्ष 1977 में की गई थी। शिवालिक पर्वत श्रेणी की तराई में स्थित यह उद्यान राज्य में पर्यटन की दृष्टि से ख़ास महत्त्व रखता है। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान घने जंगलों से घिरा हुआ है। उद्यान भारत और नेपाल सीमा से लगा हुआ एक विशाल वन क्षेत्र है। यह उद्यान उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एवं समृद्ध जैव विविधता वाला…

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